युवा, तेज, चैंपियन जैसी मानसिकता के साथ: "हम हर दिन रणनीति और तकनीक पर काम करते हैं।"
वह परिणामों की नहीं, बल्कि प्रदर्शन की बात करता है। वह सफलता को रैंकिंग से नहीं, बल्कि आत्म-संतुष्टि से मापता है। 21 वर्षीय चेक स्कीयर एक परिपक्व चैंपियन की तरह सोचता है। आज की स्प्रिंट स्पर्धा पूरे ओलंपिक खेलों में उसकी सबसे मजबूत स्पर्धा हो सकती है।
